मदद में पाछा जावो
टैम बदळणो या एक्स्ट्रा भाव जोड़णो
कारोबारी मालिकां खातर
थे नुवों टैम सुझा सको, या एक्स्ट्रा भाव जद काम सोच्योड़ै सूं बेसी मांगै।
बदळाव खुद कदैई लागू नीं होवै। ग्राहक नै खुद रै लिंक वाळो ईमेल मिलै अर उणनै नुवों टैम या भाव साफ मंजूर करणो पड़ै। फगत ईमेल खोलण सूं कीं नीं बदळै।
- मंजूरी मिलण तांई असल बुकिंग जियां री तियां रैवै।
- जे वो मना करै तो असल रैवै।
- मंजूर कर लेवै तो नुवों टैम या भाव काम में सेव हो जावै।
टेक्नीशियन खातर एक्स्ट्रा काम इयां ई संभाळीजै: बतावो, एक्स्ट्रा भाव राखो, अर काम करण सूं पैलां ग्राहक री मंजूरी री उडीक करो।